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diabetes ke lakshan डायबिटीज के लक्षण या sugar ke lakshan

diabetes ke lakshan

Diabetes ke lakshan:

डायबिटीज जो कि शुगर या मधुमेह के नाम से भी जाना जाता है एक प्रकार का रोग है जिस कारण से शरीर में इंसुलिन नहीं बन पाता है या फिर इंसुलिन बनता तो है पर यह शरीर के लिए पर्याप्त नही होता और ठीक से काम नहीं करता है. इंसुलिन पैनक्रिया द्वारा उत्पादित एक पदार्थ है. इंसुलिन का मुख्य कार्य रक्त में ग्लूकोज की मात्रा को कम करना है. डायबिटीज की समस्या धीरे-धीरे आम होती जा रही है और लगातार इस रोग से ग्रसित लोगों की संख्या में वृद्धि होती जा रही है.

डायबिटीज दो तरह की होती है टाइप 1 और टाइप 2

डायबिटीज टाइप 1:  इस तरह के डायबिटीज के लक्षण (diabetes ke lakshan) या शुगर के लक्षण (sugar ke lakshan) ज्यादातर छोटे बच्चे और 20 साल से कम उम्र के बच्चों में देखने को मिलते हैं टाइप 1 डायबिटीज के प्रभाव से शरीर में इंसुलिन नहीं बनता है

डायबिटीज टाइप 2: आमतौर पर जो भी लोग डायबिटीज से ग्रसित हैं उनमें से ज्यादातर लोग डायबिटीज टाइप टू से प्रभावित होते हैं. डायबिटीज टाइप 2 में शरीर में इंसुलिन तो बनता है परंतु या तो वह सही से काम नहीं कर पाता है या फिर वह शरीर के अनुरूप पर्याप्त मात्रा में नहीं बनता. प्री-डायबिटीज और टाइप 2 डायबिटीज तब होते हैं जब आंतरिक अंगों की कोशिकाएं इंसुलिन को अवशोषित करने की क्षमता खो देती हैं , और pancreas समस्या को खत्म करने के लिए पर्याप्त नए इंसुलिन का उत्पादन नहीं कर सकती है।

डायबिटीज के लक्षण (diabetes ke lakshan)

लगातार प्यास

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जब शरीर ग्लूकोज को ठीक से अवशोषित करने में विफल रहता है, तो रक्त में ग्लूकोज की अधिकता के कारण शरीर में पानी का सही संतुलन बनाने में परेशानी होती है और शरीर में पानी की कमी लगने लगती है। नतीजतन, शरीर पर्याप्त लार का उत्पादन नहीं करता है, और व्यक्ति लगातार प्यास महसूस करता है।

लगातार पेशाब

डायबिटीज के मरीजो को बार-बार पेशाब लगने की समस्या होती है, क्योंकि किडनी को रक्त से अतिरिक्त चीनी निकालने  के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है । जिस कारण शरीर हानिकारक और विषाक्त पदार्थों को हटाने की क्षमता खो देता है। इन सभी समस्याओं के कारण मूत्र प्रणाली सही से कम नही कर पाती है और बार-बार पेशाब लगने की समस्या हो जाती है.

नींद विकार

यदि आप डायबिटीज के मरीज हैं, तो आप नींद विकारों और अनिद्रा का अनुभव कर सकते हैं। डायबिटीज के मरीजो को अच्छी नींद लेने में कठिनाई होती है. ऐसे मरीजो को हमेशा थकान और कमजोरी महसूस होती है।

घावों का देरी से ठीक होना

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डायबिटीज के रोगियों के घाव सामान्य के मुकाबले बहुत धीरे-धीरे ठीक होते हैं , यह एक आम डायबिटीज के लक्षण (diabetes ke lakshan) है, जिसमे डायबिटीज के रोगियों के घाव ठीक होने में बहुत समय लेते है.

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मूत्र पथ संक्रमण

जब शरीर ग्लूकोज को अवशोषित करने की क्षमता खो देता है, तो इस कारण से हमारे शरीर की immune system कमजोर हो जाती है.  किडनी अधिक ग्लूकोज के कारण सही से काम नही कर पाता और हमारे urinary tract में  infection की समस्या हो जाती है.

पैरों के साथ समस्याएं

डायबिटीज वाले मरीजों को निश्चित रूप से अपने पैरों की स्थिति पर विशेष ध्यान देना चाहिए। यह शरीर का वह हिस्सा है जो डायबिटीज के कारण सबसे अधिक प्रभावित होता है.

नजर का कमजोर होना 

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शरीर की पानी की कमी, जो हाई ब्लड शुगर के परिणामस्वरूप होती है, यह बहुत ही ज्यादा आँखों को प्रभावित करती है। अक्सर, मधुमेह वाले रोगियों को रक्त वाहिकाओं को नुकसान होता है, जो अंततः आँखे खराब कर देती है.

त्वचा में सूखापन आ जाना 

डायबिटीज के मरीजो में ज्यादातर त्वचा में सूखापन की शिकायत हो जाती है. इस तरह के भी डायबिटीज के लक्षण (diabetes ke lakshan) मधुमेह वाले रोगियों में दिखाई देते है.

यदि आपमें ये सभी डायबिटीज के लक्षण (diabetes ke lakshan) है या यदि आपको लगता है की आपको डायबिटीज है तो आपको तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। समय रहते यदि डायबिटीज का पता लग जाता है तो यह बिमारी जल्दी आपकी आंतरिक अंगो को नही खराब कर सकती है.

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